Certified Gemstone & Rudraksha Guidance
शुद्ध रत्न एवं रुद्राक्ष परामर्श
कारक ग्रहों की अनुकूलता अनुसार शत-प्रतिशत प्राकृतिक एवं अभिमंत्रित रत्न-रुद्राक्ष चयन।
परामर्श अवधि: ३० मिनट
माध्यम: कार्यालय एवं ऑनलाइन
१००% व्यक्तिगत एवं गोपनीय
सेवा का विस्तृत शास्त्रीय विवरण
रत्न केवल आभूषण नहीं, अपितु ब्रह्मांडीय ऊर्जा के परावर्तक हैं। अनिष्टकारी मारक ग्रहों का रत्न धारण करना प्राणघातक हो सकता है। कुंडली के योगकारक, शुभ व बलहीन ग्रहों को पहचानकर सही रत्ती, धातु, उंगली, दिन एवं अभिमंत्रण विधि सहित वैज्ञानिक परामर्श।
परामर्श में क्या-क्या सम्मिलित है?
योगकारक एवं इष्ट ग्रहों के अनुकूल रत्न चयन (माणिक्य, मोती, पुखराज, पन्ना, आदि)
मारक एवं बाधक ग्रहों के रत्नों से बचने की सख्त चेतावनी
रत्न की उचित रत्ती, धातु (स्वर्ण/रजत/पंचधातु) एवं उंगली का निर्धारण
प्रामाणिक 1 से 14 मुखी रुद्राक्ष परामर्श
धारण की शास्त्रीय प्राण-प्रतिष्ठा एवं मंत्र विधि
जातक को मुख्य लाभ
ग्रहों की अनुकूल रश्मियों का शारीरिक व मानसिक अवशोषण
रुके हुए कार्यों में त्वरित गति
स्वास्थ्य, ओज एवं सौभाग्य में वृद्धि
अनुशंसित वैदिक उपाय (Remedies Included):
शुद्धिकरण, बीज मंत्र संपुटित अभिमंत्रण, शुभ नक्षत्र में धारण मुहूर्त।
परामर्श समय सुरक्षित करें
आचार्य दयानिधि मिश्र जी से व्यक्तिगत परामर्श हेतु अपना स्लॉट बुक करें।
शिवपुर कार्यालय, वाराणसी
गूगल मीट / फोन कॉल (ऑनलाइन)